अभ्यास का महत्व :- किसी भी फील्ड में उन्नति के शिखर पर पहुंचने की चाहत रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति अभ्यास के महत्व से भलीभांति परिचित है | यह एक ऐसा हथियार है जो हमें युद्ध में विजय श्री तक ले जाता है इसके बगैर सारे हथियार अशक्त हैं | व्यक्तित्व का विकास भी इस दायरे के बाहर नहीं है मैनें दुनिया में किसी भी फील्ड में सफल होने वाले महान व्यक्तियों में जो विशेषता सामान्य रूप से देखा, वह है अभ्यास का गुण | यही वह गुण है जो उन्हें आम से खास बनातें हैं और उनके सफलता की राह आसान कर देते हैं | तब यह ज़रूरी हो जाता है कि हम अपने व्यक्तित्व के विकास के लिए बार-बार चीजों का अभ्यास करें | अभ्यास का महत्व अभ्यास का अर्थ अभ्यास का अर्थ है किसी भी कार्य में पारंगत या निपुण होने के लिए उस कार्य को बार-बार करना, जब तक कि वह हमारे व्यक्तित्व का सहज अंग न हो जाए | अभ्यास ही वह कुंजी है जो बंद पड़े भाग्य के ताले को खालने का कार्य करती है | इसी तथ्य को विद्या अर्जन के सन्दर्भ में उपन्यासकार 'यशपाल' अपने प्रसिद्ध ऐतिहासिक उपन्यास 'दिव्या' में प्रतिपादित करते ...
कुछ नया, कुछ रचनात्मक और नयी पीढ़ी की सोच के साथ तादात्म्य स्थापित करने के उद्देश्य के साथ मन में यह ढृढ़ विश्वास लिए कि अपने विचारों से यदि मैं किसी एक के जीवन को बदल सकने में सक्षम होता हूँ तो मैं अपने आप को कृतकृत्य समझूंगा...