Skip to main content

About me

मेरे बारे में,

नवाचार, हां इस समय यही मेरा नाम है |मैं ज्ञान का अथक साधक हूँ और शोधार्थी भी | मैं समय का भी द्रष्टा हूँ | समर्पण, नियमितता और कभी हार न मानना मेरे सिद्धांत हैं |

मैं मूलत: उत्तर प्रदेश से ताल्लुक़ रखता हूँ | वहीं से मैने बारहवीं तक की पढाई की और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक हिन्दी (प्रतिष्ठा) में  किया | उसके बाद पुन: उत्तर प्रदेश में जाकर 2 साल की शिक्षक प्रशिक्षण को पूरा किया | मैं जिला स्तर पर योग (पुरुष) का विजेता भी रह चुका हूँ |

किताबें पढ़ना, एकांतवास में चिंतन मनन करना, फिल्में देखना और योगा करना आदि मेरी रुचियों में शामिल हैं | मैं जो कुछ भी लिखता हूँ, उसे पहले खुद जीता हूँ,  यानी कि मैं शब्दों को ही जीता हूँ ,यही मेरी जिंदगी हैं |

प्रत्येक पीढी़ में और प्रत्येक काल में कुछ न कुछ ऐसा नया होता है जो उसे पिछले पीढ़ी से आगे ले जाता है | यही नयापन ही नवाचार होता है |

मेरा उद्देश्य है, प्रत्येक काल के उन नवाचारों को उद्घाटित करना जो आज भी प्रासंगिक है | ताकि उसकी मदद से दुनिया का हर व्यक्ति अपने चिंतन शैली में परिवर्तन करके अपने व्यक्तित्व को निखार कर विलक्षण बना सके |


जो भी अपने व्यक्तित्व को निखार कर सफल और शानदार बनाना चाहता है, उन सभी का मेरे प्लेटफार्म https://nvachar.blogspot.com/ पर स्वागत है | मुझे यकीन है यहां पर आकर आपको संतुष्टि अवश्य मिलेगी ...

Comments

Popular posts from this blog

आत्मनिर्भर कैसे बने

आत्मनिर्भर कैसे बने :- हम सभी लोग बचपन से ही सुनते आए हैं कि आत्मनिर्भर बनो, अपने पैरों पर खड़े हो आदि | लेकिन क्या हमने कभी सोचा कि आखिर आत्मनिर्भर बला क्या है और आत्मनिर्भर कैसे बना जाता है ? नहीं ना |  चलिए आज हम आप सभी को बताते हैं कि आत्मनिर्भर होना किसे कहते हैं और आत्म निर्भर कैसे बना जाए | आत्मनिर्भर व्यक्ति में कौन कौन से गुण होते हैं.  | आत्मनिर्भर कैसे बने आत्मनिर्भर दो शब्दों से मिलकर बना है आत्म व निर्भर | आत्म का अर्थ होता है खुद या स्वयं और निर्भर का अर्थ होता है आश्रित होना | इस प्रकार आत्मनिर्भर का अर्थ हुआ खुद पर निर्भर होना | अर्थात किसी  भी काम के लिए , किसी और पर आश्रित ना होना ही आत्मनिर्भर कहलाता है |स्वावलम्बन ,आत्मनिर्भर का दूसरा नाम है | आत्म निर्भर बनने के तरीके :- आत्म निर्भर बनने के बहुत से तरीके हैं किन्तु हम यहां उन्ही तरीकों के बारे में चर्चा करेंगे जो हमारे लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण हैं | ये तरीके निम्नवत् हैं - 1-सेल्फ एक्टिविटी :- कोई भी काम खुद से करना ही सेल्फ एक्टिविटी कहलाता है | किसी भी व्यक्ति के लिए सेल्फ...

आलस्य दूर करने के अचूक उपाय

आलस्य दूर करने के 10 अचूक उपाय :- किसी भी मनुष्य को सफलता के शीर्ष पर पहुंचने या मंजिल की तरफ अपने कदम बढ़ाने में सबसे बड़े बाधक के रूप में जो पहला महत्वपूर्ण तत्व सामने आता है, वह है आलस्य | यही आलस्य हर असफलता का आधार है | आलस्य का मतलब हमारे मन व शरीर पर सुस्ती का हावी हो जाना है |  सुस्ती जिस हद तक हावी होती चली जाती है आलस्य उससे भी अधिक तेजी से अपना पैर जमाता चला जाता है जो हर प्रकार के रोग का जनक होता है | आलस्य के बारे में जानने के बाद हम सभी के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर यह आलस्य होता क्यूँ है ? आलस्य के कारण क्या हैं ? आगे इसी सवाल का जवाब आगे दिया जा रहा है.-- आलस्य के कारण :- वैसे तो हमारे भीतर आलस्य पैदा होने के अनेको कारण हो सकते हैं लेकिन यहां सिर्फ मूल भूत कारणों पर चर्चा की जाएगी  जो निम्नवत हैं - 1- हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में नींद का ना मिल पाना |  2- अधिक भोजन करना भी आलस्य को जन्म देता है  3- भाग्यवादी नजरिया, आलस्य का ही रूप है | 4- व्यक्ति के जीवन में किसी लक्ष्य का न होना | 5- किसी कार्य को करने में ...

मुफ्त की आदत का हम पर प्रभाव : फायदा या नुकसान

 मुफ्त की आदत का हम पर प्रभाव  : फायदा या नुकसान कोई भी वस्तु मुफ्त में नहीं मिलती जी हां कोई भी वस्तु मुफ्त में नहीं मिलती | और अगर मिल रही है तो उसकी कीमत बड़ी महंगी होती है | कभी-कभी तो इसकी कीमत अपनी स्वतंत्रता देकर चुकानी पड़ती है | अगर आप भी किसी भी प्रकार की मुफ्त की चीजों के आदी हो गए हैं तो सावधान हो जाइए.. क्यों कि इसका प्रभाव बहुत भयानक है |  जो इंसान मुफ्त में कोई वस्तु लेता है तो वह देने वाले का एहसानमंद हो जाता है और एहसान के तले दबा व्यक्ति कभी भी निष्पक्ष व्यवहार नहीं कर सकता फिर चाहें देने वाला कितना ही अन्याय क्यों न करे | आज हम इस पोस्ट के माध्यम से यह जानेंगें कि आखिर मुफ्त में मिली वस्तु हमारे अमूल्य जीवन पर क्या प्रभाव डाल रही है और इसके फायदे तथा नुकसान क्या हैं. ? फायदा मुफ्त में मिलने वाली वस्तु को तमाम अध्ययन और इतिहास खंगालने तथा व्यवहारिक अनुभव के आधार पर फायदे और नुकसान के आधार पर देखें तो इसका फायदा बहुत कम है या फिर यूं कहें कि न के बराबर है लेकिन नुकसान बहुत है | फायदा देखने पर सिर्फ एक ही चीज समझ में आती है कि बिना मेहनत किए हमारी उस ...