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Showing posts from May, 2020

विश्व का गौरव : भारतीय संस्कृति

विश्व का गौरव : भारतीय संस्कृति :- भारतीय संस्कृति सर्वव्यापक और निरंतर गतिशील संस्कृति है | जो अनादि काल से निरंतर प्रवाहमान है | यह सत्यं, शिवं व सुंदरम् की अवधारणा के साथ पल्लवित व फलित होती है | भारतीय संस्कृति के गौरव देश के सामने दुनिया की हर संस्कृति ने अपने घुटने टेक दिए | इसकी विशालता इतनी है कि पूरी उम्र लगाकर भी थाह पाना मुश्किल है और सहज इतना कि अनपढ़ व्यक्ति भी इसका कायल हो जाए | जो संस्कृति इतनी समृद्ध, व्यापक और विशाल है और जिसे सम्पूर्ण विश्व के मनीषियों ने न सिर्फ सहर्ष स्वीकारा है बल्कि मुक्त कंठ से प्रसंशा भी है उसके बारे में बेहतर और सटीक जानकारी होना आवश्यक है | यह सटीक जानकारी आपको इसी ब्लॉग पर मिलेगी | आइये जानते हैं संस्कृति की परिभाषा और भारतीय संस्कृति का स्वरूप क्या है? संस्कृति की परिभाषा :- संस्कृति का अर्थ होता है परिमार्जित करना या परिष्कृत करना | मनीषी गण इसकी व्याख्या परंपरा से चली आ रही रहन-सहन , आचार-विचार,  जीवन पद्धति व संस्कार के रूप में भी करते हैं | जो प्रत्येक देश की अलग-अलग होती है | किसी भी देश की संस्कृति में मुख्यतः सभ...

क्रोध या गुस्से से बचने के उपाय

क्रोध या गुस्से से बचने के उपाय :- क्रोध मूर्खों की छाती में बसता है                                             ~ अल्बर्ट आइंस्टीन जब हम अपने आप पर पूर्ण रूप से काबू रखने में  अक्षम हो जाते हैं तब हम क्रोध या गुस्से का शिकार हो जाते हैं |बात-बात पर क्रोधित होना या गुस्सा होना हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाता है | यह  हमारी कमजोरी को दर्शाता है अधिकतर मामलो में हम न चाहते हुए भी क्रोधित हो जाते हैं और उस स्थिति में सामने वाले का नुकसान करने के साथ साथ अपना भी नुकसान कर बैठते हैं | दुनिया में हमारे लिए सबसे नुकसानदायक अगर कुछ होता है तो वह है क्रोध | इसलिए इस क्रोध रूपी शत्रु से बचकर ही रहना चाहिए | आइये जानते हैं कि कैसे इस क्रोध रूपी शत्रु को दूर करने के उपाय जानकर अपने मन को निर्मल किया जा सकता है..... क्रोध या गुस्सा आने के कारण... जब कोई व्यक्ति हमारे इच्छा के अनुकूल कार्य नहीं करता है तो स्वभाविक रूप से हमारे हृदय में क्रोध का संचार होता है | हमारे अ...

क्या है तनाव दूर करने का अचूक उपाय

क्या है तनाव दूर करने का अचूक उपाय :- तनाव आजकल की आम समस्या बन गयी है | जिसे देखो वही कहता फिरता है कि उसे फलां बात का तनाव है किसी को फलां बात का | किसी को करियर को लेकर तनाव है तो फिर किसी को अपने पारिवारिक जीवन को लेकर तनाव है | कोई पडोसी के तानो की वजह से वजह से तो कोई पैसों की तंगी की वजह से तनाव में है | कुल मिलाकर लगभग दुनिया में हर कोई कहीं न कहीं किसी न किसी वजह से तनाव में है | अत: आज हम तनाव होने के कारण और उसके उपचार पर फोकस करेंगें | क्या है तनाव दूर करने का अचूक उपाय तनाव होने के मूल कारण :- वैसे तो तनाव होने के अनगिनत कारण हो सकते हैं | जिनमें से कुछ कारणों का वर्णन निम्न प्रकार से है -- 1- समस्याओं से डर लगना 2- असफलताओं से घबराहट की वजह से 3- खुद को कमज़ोर महसूस करना 4- खुद को दीन हीन समझना 5- पारिवारिक अशांति लक्षण :- 1- नींद न आना 2- चिड़चिड़ा पन 3- सर भारी रहना या दर्द होना 4- खुद को दीन हीन समझना 5- असुरक्षा की भावना से ग्रस्त रहना 6- कुछ भी करने का मन न होना तनाव दूर करने करने के अचूक उपाय :- यह सत्य है कि तनाव कोई व्यक्ति जानबूझ...

क्यों है जीवन में मीठी बोली की जरूरत

 क्यों है जीवन में मीठी बोली की जरूरत :- अक्सर यह सवाल हमारे मन में गाहे-ब-गाहे आता रहता है कि आखिर क्यों है जीवन में मीठी बोली की जरूरत ? यह सवाल अधिकतर उस समय हमारे सामने आता है जब किसी को हमारी बोली की वजह से खुशी मिलती है या फिर उसे चोट पहुंचती है | और फिर हम जवाब ढूंढ़ने में जुट जाते हैं | इसी सवाल का जवाब आज इस पोस्ट के माध्यम से दिया जा रहा है.. क्यों है जीवन में मीठी बोली की जरूरत मीठी बोली के विभिन्न क्षेत्र :- मीठी बोली हमें प्रेम करना सिखाती है, इंसान को इंसानियत का पाठ पढा़ती है | मीठी बोली दिल के गहरे घाव पर मरहम का लेप लगाती है और सुकून की अनुभूति कराती है | यह जीने के लिए सच्ची राह दिखाती है | आज कड़वाहट के इस युग में खासतौर पर युवाओं द्वारा बरते जाने वाले व्यवहार को सही दिशा देने हेतु मीठी बोली की सबसे ज्यादा जरूरत है | छोटी छोटी बात पर गुस्सा होना,  छोटे बड़े या बुजुर्ग का ख्याल किए बिना जो दिल में आए बक देना,  और आए दिन परिवार व रिश्तों के बीच पनप रहे खटाश को कम करने के लिए आज मीठी बोली की जरूरत सबसे ज्यादा है | बात बात में खून खराबे की ...

सब कुछ नवाचार है

सब कुछ नवाचार है :- जी हां,  दुनिया में  जो कुछ भी है वह सब नवाचार ही है | थोड़ा आश्चर्य लग रहा होगा पढ़कर,  लेकिन यह सच है कि दुनिया में सब कुछ नवाचार है | सब कुछ नवाचार कैसे है, इसे समझाने के लिए मुझे आपका थोड़ा सा वक्त चाहिए | सब कुछ नवाचार है दुनिया में सबकुछ नवाचार कैसे है ? उसके बारे में जानने से पहले थोड़ा सा नवाचार के बारे में जान लेते हैं |  नवाचार  का मतलब होता है कुछ नया करना या फिर नवीन मान्यताओं को स्थापित करना | अर्थात पहले से चलती आ रही परंपरा से  हटके कुछ अलग करना या फिर नवीन मान्यता को स्थापित करना | इस प्रचार हम कह सकते हैं कि दुनिया में जो कुछ भी नया हो रहा है वही नवाचार है | अब आते हैं अपने मूल विषय पर कि कैसे दुनिया में सबकुछ नवाचार है | हमारे जीवन का हर दौर नवाचार का दौर होता है | इसे और बेहतर रूप में  समझने के लिए इसे 5 भाग में बांटकर देखते हैं जो इस प्रकार से है - 1- दैनिक जीवन में नवाचार :-  हम सभी के द्वारा किया जाने वाला हर दिन का नवाचार इस श्रेणी में आता है | हम सभी रोज कुछ न कुछ नया करते रहते हैं...

आखिर क्यों जरूरी है खुद की तलाश करना

आखिर क्यों जरूरी है खुद की तलाश करना : आखिर क्यों जरूरी है खुद की तलाश करना दुनिया संकट में है | कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने सिर्फ भारत को ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को तबाह कर के रख दिया है ऊपर से लॉकडाउन का लम्बा वक्त | ऐसे संकट के दौर में क्या आपको नहीं लगता कि फिर से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ -साथ खुद के तलाश की आवश्यकता है? हर कोई हमसे कुछ नया करने के लिए कहता है | ऐसे में आपने कभी सोचा है कि अगर हम कुछ नया और साहसिक करने का जोखिम नहीं उठाते हैं तो क्या होगा ? जो भी हो पर ये  सच है कि हम सभी आपातकाल और आर्थिक मंदी के दौर में जी रहे हैं | जिसका असर व्यापक होगा | आज दुनिया का हर इंसान इस संकट से निकलने की जद्दोजहद में लगा हुआ है | इस स्थिति से निकलने के लिए आज सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है खुद की तलाश करना | जिसकी व्याख्या आगे की जा रही है... 1- अपने आपको पहचानो :- आज सबसे ज्यादा जरूरत खुद को पहचानने की है | कि आखिर हम हैं क्या ? संकट के इस दौर में हमारी स्थिति (औकात ) क्या है ? हम कितने पानी में हैं ? आदि | आज इन सवालों से डरकर भागने...

अंग्रेजो की सफलता का रहस्य

अंग्रेजो की सफलता का रहस्य :- क्या आप जानते हैं कि लगभग पूरे विश्व पर शासन करने वाले अंग्रेजों की सफलता का रहस्य, क्या है  ? शायद हां, और नहीं भी | कुछ लोगों का जवाब हां होगा तो वहीं अधिकतर का जवाब न होगा | आज से कुछ दिन पहले मैं भी इसके बारे में सही और सटीक रूप में नहीं जानता था और जो भी जानता था ऊपर ऊपर से ही जानता था | लेकिन जब मैनें अंग्रेजी समाज के बारे में पढ़ना शुरू किया साथ ही उसमें गहराई में जाना शुरू किया तब जाकर उनकी सफलता का अमूल्य रहस्य पता चला,  जिसके बारे में शायद ही हम सभी जानते हो, और यदि जानते भी होंगे तो भी हमनें उसे नजरअंदाज किया होगा |  आज हम सभी अंग्रेजो की सफलता का मूल रहस्य जानेंगे| अंग्रजो को अपने हर क्षेत्र में सफलता दो चीजों के कारण मिली है जिसे जानकर आप भी लाभान्वित हुए बिना नहीं रह सकेंगे | अंग्रेजो की सफलता का रहस्य.... 1- भाषा :- भाषा हमारे विचार,  हमारी सोच व हमारे व्यक्तित्व को दर्शाने का एक सशक्त माध्यम है जिसके द्वारा हम अपने वक्तव्य को दूसरों से साझा करते हैं | अंग्रेजो की सफलता का राज ...

नवाचारी लोग कैसे सोचते हैं ? How think creative people ?

नवाचारी लोग कैसे सोचते  हैं  ? How think creative people ?  किसी भी का र्य को रचनात्मक ढंग से सोचना व करना नवाचार कहलाता है और इसे करने वाला नवाचारी होता है | अब हमारे मन मस्तिष्क में ये सवाल उठता है कि आखिर नवाचारी लोग सोचते कैसे हैं ? वे किस प्रकार से सोचते हैं कि वो सफलता का परचम लहरा रहे होते हैं,  उनकी रचनात्मकता का स्तर क्या होता है?  आदि | ऐसा क्या होता है उनके अंदर कि वे सफल और सफल होते चले जाते हैं जबकि आम इंसान सिर्फ मेहनत ही करता रह जाता है | आज हम इस लेख के माध्यम से इसी सवाल का जवाब जानने का प्रयास करेंगे... नवाचारी शख्शियत जिस ढंग से अपनी रचनात्मक को विकसित करती है और उसे अमल में लाकर अपने आप को बुलंदी के शिखर तक ले जाती है, उसका हू-ब-हू वर्णन आगे किया जा रहा है | मुझे यकीन है कि आप सभी को इसे पढ़कर रचनात्मक ढंग से सोचने में मस्त मिलेगी. | नवाचारी ढंग से सोचने के तरीके :-   सोचने का काम तो हम सभी करते हैं लेकिन मायने ये रखता है कि हम सोचते कैसे हैं यही हमारी सफलता और असफलता का निर्धारक होती है | एलन मस्क, बिल ग...

आलस्य दूर करने के अचूक उपाय

आलस्य दूर करने के 10 अचूक उपाय :- किसी भी मनुष्य को सफलता के शीर्ष पर पहुंचने या मंजिल की तरफ अपने कदम बढ़ाने में सबसे बड़े बाधक के रूप में जो पहला महत्वपूर्ण तत्व सामने आता है, वह है आलस्य | यही आलस्य हर असफलता का आधार है | आलस्य का मतलब हमारे मन व शरीर पर सुस्ती का हावी हो जाना है |  सुस्ती जिस हद तक हावी होती चली जाती है आलस्य उससे भी अधिक तेजी से अपना पैर जमाता चला जाता है जो हर प्रकार के रोग का जनक होता है | आलस्य के बारे में जानने के बाद हम सभी के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर यह आलस्य होता क्यूँ है ? आलस्य के कारण क्या हैं ? आगे इसी सवाल का जवाब आगे दिया जा रहा है.-- आलस्य के कारण :- वैसे तो हमारे भीतर आलस्य पैदा होने के अनेको कारण हो सकते हैं लेकिन यहां सिर्फ मूल भूत कारणों पर चर्चा की जाएगी  जो निम्नवत हैं - 1- हमारे शरीर को पर्याप्त मात्रा में नींद का ना मिल पाना |  2- अधिक भोजन करना भी आलस्य को जन्म देता है  3- भाग्यवादी नजरिया, आलस्य का ही रूप है | 4- व्यक्ति के जीवन में किसी लक्ष्य का न होना | 5- किसी कार्य को करने में ...