विश्व का गौरव : भारतीय संस्कृति :- भारतीय संस्कृति सर्वव्यापक और निरंतर गतिशील संस्कृति है | जो अनादि काल से निरंतर प्रवाहमान है | यह सत्यं, शिवं व सुंदरम् की अवधारणा के साथ पल्लवित व फलित होती है | भारतीय संस्कृति के गौरव देश के सामने दुनिया की हर संस्कृति ने अपने घुटने टेक दिए | इसकी विशालता इतनी है कि पूरी उम्र लगाकर भी थाह पाना मुश्किल है और सहज इतना कि अनपढ़ व्यक्ति भी इसका कायल हो जाए | जो संस्कृति इतनी समृद्ध, व्यापक और विशाल है और जिसे सम्पूर्ण विश्व के मनीषियों ने न सिर्फ सहर्ष स्वीकारा है बल्कि मुक्त कंठ से प्रसंशा भी है उसके बारे में बेहतर और सटीक जानकारी होना आवश्यक है | यह सटीक जानकारी आपको इसी ब्लॉग पर मिलेगी | आइये जानते हैं संस्कृति की परिभाषा और भारतीय संस्कृति का स्वरूप क्या है? संस्कृति की परिभाषा :- संस्कृति का अर्थ होता है परिमार्जित करना या परिष्कृत करना | मनीषी गण इसकी व्याख्या परंपरा से चली आ रही रहन-सहन , आचार-विचार, जीवन पद्धति व संस्कार के रूप में भी करते हैं | जो प्रत्येक देश की अलग-अलग होती है | किसी भी देश की संस्कृति में मुख्यतः सभ...
कुछ नया, कुछ रचनात्मक और नयी पीढ़ी की सोच के साथ तादात्म्य स्थापित करने के उद्देश्य के साथ मन में यह ढृढ़ विश्वास लिए कि अपने विचारों से यदि मैं किसी एक के जीवन को बदल सकने में सक्षम होता हूँ तो मैं अपने आप को कृतकृत्य समझूंगा...