क्रोध या गुस्से से बचने के उपाय :-
क्रोध मूर्खों की छाती में बसता है
~ अल्बर्ट आइंस्टीन
जब हम अपने आप पर पूर्ण रूप से काबू रखने में अक्षम हो जाते हैं तब हम क्रोध या गुस्से का शिकार हो जाते हैं |बात-बात पर क्रोधित होना या गुस्सा होना हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाता है | यह हमारी कमजोरी को दर्शाता है अधिकतर मामलो में हम न चाहते हुए भी क्रोधित हो जाते हैं और उस स्थिति में सामने वाले का नुकसान करने के साथ साथ अपना भी नुकसान कर बैठते हैं |
दुनिया में हमारे लिए सबसे नुकसानदायक अगर कुछ होता है तो वह है क्रोध | इसलिए इस क्रोध रूपी शत्रु से बचकर ही रहना चाहिए | आइये जानते हैं कि कैसे इस क्रोध रूपी शत्रु को दूर करने के उपाय जानकर अपने मन को निर्मल किया जा सकता है.....
क्रोध या गुस्सा आने के कारण...
जब कोई व्यक्ति हमारे इच्छा के अनुकूल कार्य नहीं करता है तो स्वभाविक रूप से हमारे हृदय में क्रोध का संचार होता है | हमारे अंदर गुस्से के पनपने के कई कारण हो सकते हैं जिनका संक्षिप्त विवरण आगे दिया जा रहा है..1~ सहन शक्ति का कम होना
2~ अपनी बात मनवाने की जिद होना
3~ अपनी इच्छानुसार कार्य का न होना
4~ चित्त का शांत न होना
5~ कोई वाजिब़ महत्व नहीं देता, का अहसास होना
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| क्रोध या गुस्से से बचने के उपाय :- |
इस तरह से और भी अनेको व्यक्तिगत कारण हो सकते हैं किसी भी व्यक्ति के क्रोधित होने का, लेकिन हमारा फोकस सिर्फ क्रोध उत्पन्न होने के कारणों का पड़ताल करना ही नहीं है बल्कि क्रोध को मिटाने का उपाय भी ढूँढ़ना है |..
आइये जानते हैं क्रोध या गुस्से को दूर करने के अद्भुत उपाय क्या हैं...?
क्रोध या गुस्से से बचने का उपाय...
1~ सहन करने की आदत डाले :-
गुस्से को कंट्रोल करने के बहुत से उपाय हैं लेकिन उनमें से सबसे महत्वपूर्ण और कारगर उपाय है हममें सहने की आदत होना | जब भी कोई हमें कुछ अनुचित कह देता है या फिर कोई ऐसा कार्य करता है जिस कार्य को करने के लिए हम सदैव मना करते रहते हैं, उस समय हम आगबबूला हो उठते हैं फिर अपना और उसका नुकसान कर बैठते हैं |इस स्थिति से बचने के लिए हमें छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होने के बजाय सहने की आदत डालनी चाहिए ताकि इस स्थिति को टाला जा सके |
2~ कुछ समय के लिए शांत हो जाएं:-
कहा जाता है कि "एक चुप्पी सौ को हराये" |
यही बात गुस्से को दूर भगाने में भी लागू होती है |जब भी आपको किसी भी बात पर क्रोध आए उस समय तत्काल आप थोड़ी देर के लिए चुप हो जायें | चुप होने से हमें खुद से बात करने का मौका मिलता है और फिर हम समझ पाते हैं कि क्रोध करना गलत है| धीरे-धीरे हमारा गुस्सा खत्म हो जायेगा और हमारा चित्त शान्त व निर्मल हो जाएगा |3~ उल्टी गिनती गिनना शुरू करें :-
जब भी आपको गुस्सा आए और आपको लगने लगे कि खुद को सम्हालना मुश्किल हो गया है तो आप तुरंत उल्टी गिनती गिनना शुरू कर दें | यह आजमाया हुआ और कारगर नुक्शा है | जब आप उल्टी गिनती गिनना शुरू करते हैं तब आपका दिमाग गुस्सा आने के कारण से उल्टा सोचने लगता है और कुछ समय बाद आप पायेंगे कि आपका गुस्सा रफूचक्कर हो गया है |4~ जोर-जोर से सांस लें :-
जोर- जोर से सांस लेना भी गुस्सा दूर करने के कारगर उपायों में आता है | जब भी आप गुस्से में हों जोर- जोर से सांस लें | सांस सीने के बजाय पेट से बाहर निकालें | सांस अंदर - बाहर दो से तीन मिनट तक करने से हमारा गुस्सा ठण्डा पड़ जाता है और हमारा हृदय आराम महसूस करता है |5~ अनदेखा करना सीखें :-
जब भी आप अपने घर में, ऑफिस में या फिर कहीं भी किसी को छोटी- मोटी गलतियां करते हुए देखें तो उन पर गुस्सा होने की जगह अनदेखा करना सीखें | अनदेखा करने से हम क्रोध से बचे रह जाते हैं | साथ ही अनदेखा करने का एक लाभ यह भी है कि न तो क्रोध करके हमें अपना आत्मसम्मान गवांना पड़ता है और न ही अन्य लोगों के मन में हमारी इज्जत ही कम होती है |6~ क्षमा करना सीखें :-
हमें सिर्फ गुस्सा करने की जगह क्षमा करना या माफ करना भी आना चाहिए | क्षमा कर देने से सामने वाले व्यक्ति की गलतियों को हम ध्यान में नहीं रखते हैं और सामने वाले के मन में हमारे लिए इज्जत और भी बढ़ जाती है | शास्त्रों में कहा भी गया कि 'क्षमा वीरस्य भूषणम् '|'क्षमा वीरस्य भूषणम् '| अर्थात क्षमा वीरों का आभूषण होता है |![]() |
| 'क्षमा वीरस्य भूषणम् ' |
क्षमा करने वाले को अपने आप पर संदेह नहीं होना चाहिए कि सामने वाला उसे कमजोर समझेगा | क्यूंकि क्षमा केवल वीर पुरूष ही कर सकते हैं कायर कभी नहीं |
7~ अपेक्षा खुद से रखें :-
गुस्सा उसी व्यक्ति को ज्यादा आता है जो दूसरों से भरोसा रखता है या दूसरों से अपेक्षा रखता है | जब आप अपने काम को खुद करने की आदत डाल लेते हैं और दूसरों से अपेक्षा रखना छोड़ देते हैं उसी दिन से गुस्सा आपसे दूर होता चला जाएगा.. |इसलिए जरूरत है कि खुद से ही अपेक्षा रखने की न कि दूसरों से |
8~ सभी को महत्व दें :-
जब हम अपने आप को सर्वेसर्वा समझकर दूसरों को अपने से छोटा समझकर उनसे अपने हिसाब से काम करवाना चाहते हैं और वो लोग करने में आनाकानी करने लगे तो हमें बेजोड़ गुस्सा आता है | जो कि पूर्णतः गलत है | हमें इस स्थिति से बचने के लिए सभी व्यक्ति को बराबर महत्व देते हुए उन्हें मनुष्य का दर्जा देना होगा | जब हम सभी को मनुष्य समझेगें और उन्हें बराबर महत्व देंगे तो हम अपने आप गुस्सा करना कम कर देंगे |9~ शीतल जल पीयें :-
अगर गुस्सा आने के बाद हमारे पास शीतल जल मौजूद हो तो तुरंत हमें शीतल जल पीना चाहिए | ठण्डा पानी पीने से हमारा दिमाग और मन शांति का अनुभव करता है और धीरे- धीरे गुस्से को हमसे दूर भगाने में मदद करता है | यह बहुत पुराना और आजमाया हुआ नुस्का है जो 100% काम करता है |10~ योगा व मेडिटेशन करें :-
नियमित योगा व मेडिटेशन हर प्रकार के विकार को हमारे शरीर व मन से दूर करने में सहायक है |योग के बारे में कहा भी गया है कि 'योग: चित्तवृत्ति निरोध: |' अर्थात योग हमारे हृदय के विकारों को हमसे दूर करता है | इससे अंदर की सहन शक्ति, आत्मविश्वास, चित्त की स्थिरता और शांत रहने की क्षमता बढ़ती है |
नोट~
उपरोक्त में से किसी भी विचार को अपनाकर अपने गुस्से पर काबू पाया जा सकता है लेकिन यदि हम सभी के सभी विचारों को अपनाते हैं तो हम पूर्ण रूप से क्रोध पर विजय प्राप्त कर लेंगे |
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